उज्जैन के प्राचीन और पूजनीय Chintaman Ganesh Temple की एक सुंदर कथा सुनाई जाती है।
बहुत समय पहले उज्जैन में एक व्यापारी रहता था। व्यापार में लगातार घाटे और पारिवारिक समस्याओं के कारण वह हमेशा चिंता में डूबा रहता था। एक दिन एक संत ने उसे चिंतामण गणेश के दर्शन करने की सलाह दी। व्यापारी श्रद्धा से मंदिर पहुँचा और भगवान गणेश के सामने अपनी सारी चिंताएँ रख दीं।
दर्शन के बाद उसके मन को अद्भुत शांति मिली। उसने निश्चय किया कि वह भय और चिंता छोड़कर धैर्य और मेहनत से काम करेगा। धीरे-धीरे उसका व्यापार सुधरने लगा, परिवार में खुशियाँ लौट आईं और उसका जीवन फिर से सुखमय हो गया।
तब व्यापारी ने लोगों से कहा, “भगवान ने मेरी चिंताएँ जादू से नहीं मिटाईं, बल्कि मुझे उन्हें सामना करने की शक्ति दी।” तभी से यह विश्वास और भी गहरा हो गया कि Chintaman Ganesh Temple में सच्चे मन से की गई प्रार्थना भक्तों को चिंता से मुक्ति और नई आशा प्रदान करती है।
आज भी हजारों श्रद्धालु इस मंदिर में आकर विघ्नहर्ता गणेश से सुख, शांति और चिंता-मुक्त जीवन का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।