उज्जैन की पवित्र धरती पर स्थित Mangalnath Temple के बारे में एक सुंदर कथा प्रचलित है।
बहुत समय पहले, जब देवताओं और ऋषियों ने पृथ्वी पर मंगल ग्रह के प्रभाव को समझने का प्रयास किया, तब उन्हें ज्ञात हुआ कि उज्जैन का यह स्थान विशेष दिव्य ऊर्जा से परिपूर्ण है। मान्यता है कि यहीं पर मंगल ग्रह का जन्म हुआ था। एक बार एक युवा किसान अपने जीवन में लगातार असफलताओं और कठिनाइयों से परेशान होकर मंदिर पहुँचा। उसने पूरे विश्वास से भगवान शिव और मंगलदेव की पूजा की तथा अपने कर्मों को सुधारने का संकल्प लिया।
कुछ समय बाद उसके जीवन में परिवर्तन आने लगा। उसकी फसल अच्छी हुई, परिवार में सुख-शांति आई और उसका आत्मविश्वास लौट आया। गाँव के लोगों ने देखा कि केवल पूजा ही नहीं, बल्कि श्रद्धा के साथ किए गए अच्छे कर्म भी उसके भाग्य को बदल रहे थे।
तब से यह संदेश फैल गया कि Mangalnath Temple केवल मनोकामनाएँ माँगने का स्थान नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और सत्कर्म की प्रेरणा देने वाला तीर्थ है। आज भी हजारों श्रद्धालु यहाँ आकर मंगल दोष शांति और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।