23 अप्रैल 2028 को उज्जैन सिंहस्थ कुंभ मेला का द्वितीय शाही स्नान (महा अमृत स्नान) है। यह अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक आयोजन मध्य प्रदेश के उज्जैन शहर में पावन शिप्रा नदी के तट पर होता है।
वर्ष 2028 का पूरा सिंहस्थ कुंभ मेला 27 मार्च से 27 मई 2028 तक चलेगा, जिसमें 23 अप्रैल का दिन सबसे प्रमुख और शाही दिनों में से एक है
मुख्य विवरण (Key Details)
- तारीख और दिन: 23 अप्रैल 2028, रविवार
- स्थान: राम घाट और नरसिंह घाट, शिप्रा नदी, उज्जैन (मध्य प्रदेश)
- मुख्य समय: सुबह 4:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक (अखाड़ों और नागा साधुओं के शाही जुलूस के साथ शुरुआत)
इस दिन का धार्मिक महत्व
- अखाड़ों की पेशवाई: इस दिन विभिन्न हिंदू मठों के साधु-संत, महामंडलेश्वर और विशेष रूप से भस्मधारी नागा साधु भव्य जुलूस (पेशवाई) के साथ शिप्रा नदी में सबसे पहले डुबकी लगाते हैं।
- सिंहस्थ का विशेष योग: उज्जैन कुंभ को 'सिंहस्थ' इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दौरान बृहस्पति (गुरु) सिंह राशि में और सूर्य मेष राशि में प्रवेश करते हैं। माना जाता है कि इस अमृत बेला में शिप्रा में स्नान करने से जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है।
यात्रा और व्यवस्था से जुड़ी जरूरी बातें
शाही स्नान के दिन उज्जैन में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, जिसके लिए प्रशासन कड़े इंतजाम करता है:
- आवास (Accommodation): घाटों के पास मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विशाल टेंट सिटी (Tent Cities) बनाई जाती हैं। इस दिन के लिए होटलों और आश्रमों की बुकिंग कई महीने पहले ही शुरू हो जाती है।
- कैसे पहुँचें (Transport): उज्जैन का नजदीकी हवाई अड्डा इंदौर (देवी अहिल्याबाई होल्कर एयरपोर्ट) है, जो यहाँ से लगभग 55 किलोमीटर दूर है। इंदौर से उज्जैन के लिए 6-लेन हाईवे है, जिससे आप आसानी से कैब या बस द्वारा पहुँच सकते हैं।