रेलवे द्वारा:
सड़क मार्ग द्वारा:
हवाई मार्ग द्वारा:
2. मुख्य धार्मिक क्षेत्र और दूरी
नासिक कुंभ दो मुख्य हिस्सों में आयोजित होता है:
दूरी: नासिक से त्र्यंबकेश्वर की दूरी लगभग 28 से 30 किमी है।
3. स्थानीय परिवहन और ट्रैफिक प्रतिबंध (Local Commute)
अमृत/शाही स्नान के दिन प्रतिबंध: प्रमुख स्नान तिथियों (जैसे 2 अगस्त, 31 अगस्त और 12 सितंबर 2027) पर मुख्य शहर और घाटों के आसपास 5 से 10 किमी के दायरे में निजी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहता है।
सैटेलाइट पार्किंग एवं शटल बसें: शहर के बाहरी प्रवेश द्वारों पर बड़ी पार्किंग बनाई जाती हैं। वहाँ से सरकारी शटल बसों या ई-रिक्शा के जरिए ड्रॉप-ऑफ पॉइंट तक पहुँचाया जाता है, जिसके बाद पैदल चलना अनिवार्य होता है।
पैदल चलने की तैयारी: घाटों, अखाड़ों और मंदिरों तक पहुँचने के लिए प्रतिदिन 5 से 10 किलोमीटर तक पैदल चलने की मानसिक व शारीरिक तैयारी रखें।
4. आवास व ठहरने की व्यवस्था (Accommodation)
साधुग्राम Tapowan: प्रशासन द्वारा नासिक के तपोवन क्षेत्र में विशाल साधुग्राम और टेंट सिटी बनाई जाती है, जहाँ अखाड़ों के शिविर लगते हैं और तीर्थयात्रियों के लिए सार्वजनिक डोर्मिटरी की सुविधा होती है।
होटल और धर्मशालाएँ: नासिक शहर, पंचवटी और सीबीआर (CIDCO) क्षेत्र में होटल व लॉज उपलब्ध रहते हैं। शाही स्नान की तिथियों के लिए कम से कम 6–8 महीने पहले बुकिंग करा लेना उचित रहता है।
धर्मशाला/आश्रम: त्र्यंबकेश्वर और पंचवटी में कई ट्रस्ट, धर्मशालाएँ और मठ भोजन (अन्नक्षेत्र) तथा निःशुल्क/किफायती ठहरने की व्यवस्था प्रदान करते हैं।
5. तीर्थयात्रियों के लिए ज़रूरी टिप्स
मौसम और परिधान: अगस्त-सितंबर में नासिक और त्र्यंबकेश्वर में अच्छी मानसूनी बारिश होती है। अपने साथ छाता, रेनकोट, वाटरप्रूफ बैग और आरामदायक जूते/चप्पल अवश्य रखें।
पहचान पत्र व नकदी: डिजिटल पेमेंट के अलावा पर्याप्त नकदी साथ रखें, क्योंकि भारी भीड़ के कारण मोबाइल नेटवर्क और एटीएम पर दबाव बढ़ जाता है।
परिवार व बच्चों की सुरक्षा: भीड़भाड़ में परिवार के सदस्यों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों की जेब में नाम, पता और मोबाइल नंबर वाली पर्ची या आईडी कार्ड ज़रूर रखें।